पद्मश्री 2026: रोहित शर्मा और हरमनप्रीत कौर को मिला बड़ा सम्मान
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Padma Shri 2026
रोहित शर्मा को पद्मश्री 2026 से सम्मानित किया गया.
भारतीय क्रिकेट के दिग्गजों की गौरवशाली परंपरा आगे बढ़ी.
खेल और नेतृत्व में योगदान की राष्ट्रीय स्तर पर सराहना.
Delhi / गणतंत्र दिवस 2026 की पूर्व संध्या पर भारत सरकार ने पद्म पुरस्कारों की घोषणा की, जिसमें भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान रोहित शर्मा को पद्मश्री सम्मान के लिए चुना गया है। महाराष्ट्र से ताल्लुक रखने वाले रोहित शर्मा को खेल के क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट योगदान, निरंतर प्रदर्शन और नेतृत्व क्षमता के लिए यह प्रतिष्ठित सम्मान दिया गया है। पद्मश्री भारत का चौथा सर्वोच्च नागरिक सम्मान है, जो भारत रत्न, पद्म विभूषण और पद्म भूषण के बाद आता है।
रोहित को यह सम्मान मिलना केवल एक व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि भारतीय क्रिकेट के उस स्वर्णिम दौर की पहचान है, जिसमें उन्होंने बल्लेबाज और कप्तान—दोनों रूपों में अपनी अलग छाप छोड़ी।
शानदार करियर और नेतृत्व की पहचान
रोहित शर्मा का अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट करियर उपलब्धियों से भरा रहा है। सीमित ओवरों के प्रारूप में उनकी रिकॉर्डतोड़ पारियां, बड़े टूर्नामेंट्स में निर्णायक प्रदर्शन और दबाव में शांत नेतृत्व ने उन्हें आधुनिक क्रिकेट के महान खिलाड़ियों में शामिल कर दिया। कप्तान के रूप में उन्होंने टीम इंडिया को कई यादगार जीत दिलाईं और युवा खिलाड़ियों के लिए एक प्रेरणादायक उदाहरण बने। पद्मश्री सम्मान उनके इसी योगदान की औपचारिक स्वीकृति है।
रोहित से पहले पद्मश्री पाने वाले क्रिकेट दिग्गज
रोहित शर्मा से पहले भी भारतीय क्रिकेट के कई महान खिलाड़ियों को इस सम्मान से नवाजा जा चुका है।
क्रिकेट इतिहास में अमिट छाप छोड़ने वाले सचिन तेंदुलकर को वर्ष 1999 में पद्मश्री मिला था। भारत को 1983 में पहला विश्व कप जिताने वाले कप्तान कपिल देव को 1982 में यह सम्मान दिया गया। उसी वर्ष सैयद किरमानी को भी उनके शानदार योगदान के लिए पद्मश्री से सम्मानित किया गया था।
इसके अलावा दिलीप वेंगसरकर (1987), मोहम्मद अजहरुद्दीन (1988) और अनिल कुंबले (2005) जैसे खिलाड़ियों को भी यह गौरव प्राप्त हुआ है।
आधुनिक युग के सितारे और पद्मश्री
आधुनिक क्रिकेट के दौर में भी कई बड़े नाम इस सूची में शामिल हैं।
महेंद्र सिंह धोनी को 2009 में पद्मश्री मिला, जबकि विराट कोहली को 2017 में इस सम्मान से नवाजा गया।
राहुल द्रविड़ और सौरव गांगुली को वर्ष 2004 में एक साथ पद्मश्री मिला, जो भारतीय क्रिकेट के लिए एक ऐतिहासिक क्षण था।
इसके बाद युवराज सिंह (2014) और गौतम गंभीर (2019) को भी यह सम्मान प्राप्त हुआ।
महिला क्रिकेट को भी मिला सम्मान
पद्मश्री सूची में महिला क्रिकेट का योगदान भी लगातार बढ़ा है। झूलन गोस्वामी (2012) और मिताली राज (2015) को उनके ऐतिहासिक करियर के लिए पद्मश्री से सम्मानित किया गया। 2026 की सूची में रोहित शर्मा के साथ-साथ भारतीय महिला क्रिकेट टीम की कप्तान हरमनप्रीत कौर भुल्लर का नाम भी शामिल किया गया है, जो महिला क्रिकेट के लिए गर्व की बात है।
हालिया सम्मान और निरंतर परंपरा
हाल ही में अनुभवी ऑलराउंडर रविचंद्रन अश्विन को जनवरी 2025 में पद्मश्री के लिए चुना गया था। यह सम्मान उनके संन्यास की घोषणा के कुछ ही हफ्तों बाद मिला, जिसने उनके लंबे और सफल करियर को एक गरिमामय समापन दिया।
पद्मश्री से सम्मानित प्रमुख भारतीय क्रिकेटर (वर्ष अनुसार) विजय हजारे (1960), जसु पटेल (1960), नरी कॉन्ट्रैक्टर (1962), पॉली उमरीगर (1962), सैयद मुश्ताक अली (1963), एम. जे. गोपालन (1964), डी. बी. देवधर (1965), मंसूर अली खान पटौदी (1967), चंदू बोर्डे (1969), बिशन सिंह बेदी (1970), ई. ए. एस. प्रसन्ना (1970), गुंडप्पा विश्वनाथ (1971), बी. एस. चंद्रशेखर (1972), अजीत वाडेकर (1972), फारुख इंजीनियर (1973), पंकज रॉय (1975), सैयद किरमानी (1982), कपिल देव (1982), चूनी गोस्वामी (1984), मोहम्मद शाहिद (1986), दिलीप वेंगसरकर (1987), मोहम्मद अजहरुद्दीन (1988), सचिन तेंदुलकर (1999), डायना एडुल्जी (2002), श्रीनिवास वेंकटराघवन (2003), राहुल द्रविड़ (2004), सौरव गांगुली (2004), अनिल कुंबले (2005), एमएस धोनी (2009), हरभजन सिंह (2009), वीरेंद्र सहवाग (2010), वीवीएस लक्ष्मण (2011), झूलन गोस्वामी (2012), युवराज सिंह (2014), मिताली राज (2015), विराट कोहली (2017), गौतम गंभीर (2019), जहीर खान (2020), गुरचरण सिंह (2023), रविचंद्रन अश्विन (2025), रोहित शर्मा (2026), हरमनप्रीत कौर भुल्लर (2026)।
सम्मान के साथ जिम्मेदारी
रोहित शर्मा का पद्मश्री से सम्मानित होना इस बात का प्रमाण है कि भारतीय क्रिकेट न केवल मैदान पर जीत रहा है, बल्कि राष्ट्रीय सम्मान की परंपरा को भी आगे बढ़ा रहा है। यह सम्मान आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा है कि समर्पण, अनुशासन और निरंतर मेहनत से न केवल रिकॉर्ड बनते हैं, बल्कि देश का सर्वोच्च सम्मान भी हासिल किया जा सकता है।